
दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध के मामलों में झूठी शिकायत दर्ज कराना अब कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। उदयपुर में ऐसे ही चार मामलों में पुलिस जांच के बाद अदालत ने परिवादियों पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि अगस्त 2023 में एक प्रार्थी ने देव नलवाया के खिलाफ अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद दिसंबर 2024 में एक अन्य प्रार्थी ने कुनाल खटीक के खिलाफ अपनी बेटी से दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया। वहीं वर्ष 2026 के फरवरी माह में एक युवती ने प्रवीण मीणा और अप्रैल माह में दूसरी युवती ने माजिद खान के खिलाफ सूरजपोल थाने में दुष्कर्म के मामले दर्ज कराए थे।सूरजपोल थाना पुलिस ने सभी मामलों की जांच की। जांच के दौरान चारों प्रकरण झूठे पाए गए। इसके बाद थानाधिकारी रतन सिंह चौहान ने अदालत से आग्रह किया कि झूठे मुकदमे दर्ज कर विपक्षी पक्ष को परेशान करने और न्यायालय का समय व्यर्थ करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।पुलिस के आवेदन पर सुनवाई करते हुए पॉक्सो-2 कोर्ट ने चारों मामलों में संबंधित परिवादियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई इस बात का संदेश है कि गंभीर अपराधों में झूठे आरोप लगाकर किसी को फंसाने और न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
30 Jun 2026